Friday, January 3, 2014

सिद्ध जप माला

सिद्ध जप माला 

मित्रो आप सब जनते हे कोई भी मन्त्र करने के लिए एक जप माला की आवश्कता होती हे । परन्तु क्या आप ये जानते हे की यह माला शास्त्र के अनुसार सम्पूर्ण रूप से प्राण प्रतिष्टित और मंत्र से सिद्ध होनी आवश्यक हे अन्यथा किये गए जप का फल साधक को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता और साधक की महेनत व्यर्थ जाती हे ।।

परन्तु आप चिंता मत करे हमने आपके लिए वैदिक ब्रह्मिनो के द्वारा प्राण प्रतिष्टित और सम्पूर्ण रूप से मन्त्र शक्ति से चैतन्य युक्त कर तैयार की हे और इस माला का मुल्य भी बहोत सामान्य रक्खा गया हे । कोई भी व्यक्ति यह माला को घर बैठे ही प्राप्त कर शकता हे ।।

विशेष नोध । आपके नाम से प्राण प्रतिष्टित माला का उपयोग आप स्वयं ही करे किसी और को मत करने दे अन्यथा जप का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा ।।

सिर्फ आपको अपना ऑर्डर निचे दिए नंबर पर sms कर या कोल कर बुक करका शकते हे । sms करने वाले अपना पूरा पता एवं पिन कोड अवश्य लिखे ।।


सिद्ध जप माला की तस्वीर यहाँ निचे दी गई हे ....

Mo no। 9824162904

सिद्ध जप माला । प्रसादी मुल्य । Rs 201/-
पोस्टल चार्जिस एक्स्ट्रा । Rs 50/-

हरी ॐ तत्सत
रेमेडियल एस्ट्रोल्जर ऋषि पंड्या
हेड ऑफिस । वड़ोदरा गुजरात
ब्रांच ओफ़ीस । गांधीनगर गुजरात
9824162904



मेरु पुष्ट श्रीपर्णी यंत्र ( सेवन )

मेरु पुष्ट श्रीपर्णी  श्री यंत्र ( सेवन ) त्रिपुर सुन्दरी यन्त्र 


शिघ्र से अती शीघ्र लाभ देनेवाला चमत्कारिक और गुप्त मंत्रो से सम्पूर्ण सिद्ध किया गया श्रीपर्णी मेरु श्री यंत्र ।

यह एक दिव्य एवं चमत्कारिक वृक्ष हे । शास्त्र के अनुसार यह वृक्ष में साक्षात् श्री गणेश और देवी लक्ष्मी का वास हे । यह वृक्ष अगर 12 साल से अधिक पुराना हे तो ये स्वयं सिद्ध हे । यह वृक्ष के लकड़े में से बने श्री यंत्र की स्थापना मात्र से ही घर में लक्ष्मी का आगमन शुरू हो जाता हे और घर में सुख समृद्धि आने लगती हे ।।

मित्रो हमने यह दिव्य वृक्ष के लकड़े में से मेरु पुष्ट श्री यंत्र तैयार करवाए हे और उसे सम्पूर्ण रूप से लक्ष्मी मंत्रो से चैतन्य युक्त किया हे । इसे घर में स्थापना मात्र से ही लक्ष्मी का आगमन शुरू हो जाता हे ।

यह दिव्य यंत्र को स्थापन करने जे लाभ -

शीघ्र लक्ष्मी लाभ होगा
घर में वास्तु दोष निवारण होगा
घर में कलेश शांती होगी
सुख समृद्धि बढ़ेगी
आरोग्य प्राप्ति होगी
ये यंत्र अष्टसिद्धि दायक हे

यह यंत्र को खास तोर पर कर्ज मुक्ति मन्त्र को लक्ष्मी मन्त्र का सम्पुट दे कर सिद्धि प्रदान की हे चाहे कैसा भी कर्ज हो जल्द ही उतर जाएगा ।।


यह यंत्र आप अपनी दूकान । घर या ऑफिस में रख कर लाभ उठा शकते हे ।

यह यंत्र आपको 5" बाय 5" की बड़ी साइज में ही पाप्त होगा । यंत्र की गुप्त पूजन विधि यंत्र के साथ ही प्राप्त होगी ।।

यह यंत्र की तस्वीर हमने यहाँ साथ में यहाँ निचे  हे कृपया देखे ।

तो आज ही अपना श्रीपर्णी मेरु श्री यंत्र बुक करवाए ।।

यंत्र प्रसादी मुल्य Rs 2100/-
भारत में पोस्टल चर्जिस प्रति यंत्र Rs 150/- अलग से देना होगा

लिमिटेड स्टोक ओन्लि

हरी ॐ तत्सत
रेमेडियल एस्ट्रोल्जर ऋषि पंड्या

 हेड ऑफिस । वड़ोदरा गुजरात
ब्रांच ऑफिस । गांधीनगर गुजरात

9824162902


Tuesday, December 10, 2013

सर्व सिद्धि कर मन्त्र साधना

सर्व सिद्धि कर मन्त्र साधना 
हर कोई व्यक्ति चाहता हे की उसके सभी कार्य सफल हो और जीवन में सभी प्रकार से सिद्धि प्राप्त हो । यहाँ में एक अदभुत और चमत्कारिक मन्त्र दे रहा हु । आप चाहे तो सम्पूर्ण रूप से लाभ उठा शकते हे 

मन्त्र : " ॐ ह्रीं अम्बिके उज्जयंत निवासिनी सर्व कल्याणकरिणी ह्रीं नमः "

विधि : अम्बाजी की तस्वीर के सामने लाल वस्त्र धारण कर लाल पुष्प चढ़ा कर लाल चन्दन की माला से नित्य सिर्फ एक माला करनी ही । 108 दिन के बाद ये मन्त्र सिद्ध हो जायेगा और अवश्य ही यह मन्त्र के प्रभाव से सर्व कार्य सिद्धि प्राप्त होगी

हरी ॐ तत्सत
रेमेडियल एस्ट्रोलोजर ऋषि पंड्या
हेड ऑफिस । वड़ोदरा गुजरात
ब्रांच ऑफिस । गांधीनगर गुजरात
9824162904

अंक शाश्त्र और आप

 अंक शाश्त्र और आप 
प्रणाम दोस्तों

आज में आपको अंक ज्योतिष के अनुसार कुछ उपाय देने जा रहा हू : वैसे ये कोई शास्त्र में नहीं लिखा हे परन्तु मेरे २० साल के तजुर्बे और आजमाइस का नतीजा हे : मेने यहाँ तक खोजा हे की आपके जन्म किस समय पर हुआ हे - किस होरा में हुआ हे - किस नक्षत्र नाडी में हुआ हे - उस पर से उपाय कर भी जीवन में सफलता प्राप्त कर शकते हे : परन्तु में यहाँ आपको सिर्फ आपका जन्म कोंसी तारीख कोई हुआ हे और क्या उपाय करने से सफलता प्राप्त होगी :

मित्रों ध्यान रहे यहाँ १ तारीख का मतलब जो लोगो का जन्मांक १ हे यानी १९ तारीख को हे वो १ तारीख उपाय देख शकते हे और जो लोगो का जन्म २२ तारीख को हुआ हे वो लोगो का जन्म ४ यानी ४ तारीख का उपाय कर शकते हे ....

१ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उनको नित्य गायत्री मंत्र की ३ माला अवश्य करनी चाहिए और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए त्रिपुरा लक्ष्मी कवच धारण करना चाहिए ||

२ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उनको नित्य ओम् नमः शिवाय मंत्र की ३ माला अवश्य करनी चाहिए और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्त करने के लिए : शक्ति लक्ष्मी कवच वैदिक रीती से बनवाकर गले में धारण करना चाहिए ||

३ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उनको नित्य प्रातः काल ओम् नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र की ३ माला करनी चाहिए और : साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए नारायण लक्ष्मी कवच वैदिक रीती से बनवा कर गले में धारण करना चाहिए ||

४ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उनको नित्य प्रातः काल ओम् दुम दुर्गाय नमः मंत्र की १ माला करे और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए प्राण लक्ष्मी कवच वेदोक्त रीती से बनवाकर गले में धारण करना चाहिए ||

५ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उनको नित्य प्रातः ओम् गंग गणपतये नमः मंत्र की ५ माला अवश्य करनी चाहिए और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए सौम्य लक्ष्मी कवच वैदिक रीती से बनवाकर गले में धारण करना चाहिए ||

६ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उनको नित्य सायकाल " ओम् एम ह्रीं कलीम चामुण्डाये विच्ये " मंत्र की १ माला अवश्य करनी चाहिए और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए श्री चक्र कवच वैदिक रीती से बनवाकर गले में धारण करना चाहिए ||

७ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उनको नित्य सुबह शिव् पंचाक्षर सोत्र अवश्य करना चाहिए और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए वैश्य लक्ष्मी कवच वैदिक रीती से बनवाकर गले में धारण करना चाहिए ||

८ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उन्हें नित्य " ओम् शंग शंकराय नमः " मंत्र की १ माला अवश्य करनी चाहिए और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए मंदार लक्ष्मी कवच वैदिक रीती से बनवाकर गले में द्खारण करना चाहिए ||

९ तारीख : को जो लोग जन्मे हे उन्हें नित्य ७ हनुमान चलिषा अवश्य करनी चाहिए और साथ में अखूट लक्ष्मी प्राप्ति के लिए सौर्य लक्ष्मी कवच वैदिक रीती से बनवाकर गले में धारण करना चाहिए ||

मित्रो अगर आप यह कवच प्राप्त करना चाहते हे तो कृपया आप हमारे कार्यालय का संपर्क कर शकते हे यह कवच आपको सम्पूर्ण रूप से सिद्ध कर आप तक पहोचाया जायेगा 


रेमेडियल एस्ट्रोलोजर ऋषि पंड्या : वड़ोदरा : गुजरात
मुद्रा ज्योतिष कार्यालय
Cont : 9824162904

ऋषि वाणी - मेरी कलम से

ऋषि वाणी । मेरी कलम से
स्वस्थ सुखी रहने के सर्वसुलभ उपाय:-

आज मनुष्य स्वास्थ और सुख की चाह में भटकता फिर रहा है फिर भी उसकी इच्छा पूरी नहीं होती । यहां स्वस्थ सुखी रहने के कुछ आसान तरीके बताए गए है, जिसमें न किसी गुरु की आवश्यकता है, न ही कहीं भटकने की, न ही कोई पैसा खर्च करने की, न ही किसी ज्ञान की, न ही समय की और न कुछ करने की, बस थोड़ा सा अपनी दिनचर्या में परिवर्तन कर अपनी सोच को बदलें और स्वस्थ सुखी दीर्धायु जीवन व्यतीत करें।

१. अपनी कमाई से कम में अपना निर्वाह करना सीखें कमाई का एक तिहाई प्रतिमाह बचाने का प्रयास करें। कभी कर्ज न लें, न ही किसी से प्रतिस्पर्धा करें अपनी परिस्थिति से हमेशा संतुष्ट रहें।

२. नियमित दिनचर्या अपनायें चाहे कार्य दिवस हो या छुट्टी का दिन दिनचर्या न बदलें प्रयास करें कि इसमें कभी पांच मिनिट का भी फर्क न आए (यदि साल में एक दो बार कोई बाधा आती तो इससे कोई फर्क नही पड़ेग) । २-३ माह ही नियमित प्रयास करना होता है इसके बाद जीवन भर के लिए यह आदत में बदल जाता है।

३. सुबह ब्रह्म मुहूर्त (सुबह ४ से ७ गर्मी में, सुबह ५ से ८ ठंड में) उठकर शौच स्नान आदि से निवृत हो कम से कम १५-२० मिनिट ईश्वर या इष्ट की आराधना अवश्य करें। इसके लिए इष्ट के सामने शुद्ध घी का दीपक और मन पसंद धूप बत्ती जलाकर शांत मन से बैठकर पूजा आराधना करें, हो सके तो एक माला गायत्री मंत्र का जप करें। इससे आप दिन भर तरोताजा महसूस करेगें आलस और थकान महसूस नहीं होगी।

४. भोजन ईश्वर का प्रसाद है यह जीने के लिए आवश्यक है हमेशा इसी उद्देश्य से भूख से कुछ कम सात्विक भोजन करें। भोजन पर कोई टिप्पणी न करें। इस धारणा से भोजन करने वाले को “कि हम जितना अधिक और पौष्टिक भोजन करेंगें उतने ही ताकतवर बनेगें” उनको भोजन खा जाता है। आप दिन भर में जितना केलोरी खपत कर सकते है उतना ही खाएं। दूध मलाई खाकर एसोआराम करने वालों से सूखी रोटी खाकर मेहनत करने वाले ज्यादा ताकतवर होते हैं।

५. समस्त जगत को ईश्वर का रूप मानकर श्रृद्धा पूर्वक व्यवहार करें।यदि आप मंदिर में जाकर मूर्ति की पूजा करते हैं और बाहर आकर कुत्ते
को डंडा मारते हैं तब आपने पूजा भी ईश्वर की और डंडा भी ईश्वर को मारा इसका अच्छी तरह ध्यान रखें। प्रकृति, वनस्पिति, जीव जन्तु, एवं मानवीय संबंधों को स्वार्थ, भौतिक सुख सुविधा, धन एवं संपत्ति से अधिक महत्व दें। कोई ऐसा काम न करें जिससे किसी को दुख पहुंचे या किसी की कोई हानि हो ।

६. घर के समस्त कार्य स्वयं करें नौकरों के भरोसे न रहें। अपने बच्चों को भूलकर भी नौकरों के भरोसे न छोड़े। वर्तमान समय में यह
बिलकुल उपयुक्त नहीं। यदि आप उपरोक्त सरल नियमों का पालन कर सकते हैं तो जीवन भर स्वस्थ सुखी और निश्चिंत जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

हरी ॐ तत्सत
रेमेडियल एस्ट्रोलोजर ऋषि पंड्या
हेड ऑफिस । वड़ोदरा गुजरात
ब्रांच ऑफिस । गांधीनगर गुजरात
9824162904

वास्तु शास्त्र - मेरी कलम से

वास्तु शाश्त्र – मेरी कलम से 
वास्तु शाश्त्र के सिद्धांत के अनुसार अगर जो मकान बनाया जाये तो उनमे रहें वाले व्यक्ति के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और उन्नति आती हे | आज हम बात करेंगे मकान की मुख्य दरवाजे की – मकान में मुख्य दरवाजे की बहोत ही महत्त्व पूर्ण भूमिका होती हे | 

वास्तुशाश्त्र के अनुसार मकान का मुख्य द्वार किस दिशा में लगाया हे उस पर से गृह स्वामी को शुभाशुभ फल की प्राप्ति होती हे | अगर घर में शुभ दिशा में द्वार हे तो घर के सभी सदस्य को शुभ फल की प्राप्ति होगी और अगर अशुभ दिशा में हे तो अवश्य ही अशुभ फल की प्राप्ति होगी | आप चाहे तो घर में मुख्य द्वार की दिशा जन कर उसमे बदलाव ला कर शुभ फल की प्राप्ति कर शकते हे

यहाँ में द्वार की दिशा के अनुसार फल का वर्णन कर रहा हु – कृपया लाभ उठाये

पूर्व दिशा - शुभ द्वार, उच्च विचारों की प्राप्ति और शुभता की प्राप्ति
पूर्व ईशान – सर्व श्रेष्ठ और सौभाग्यदायक
पूर्व अग्नि – अशुभ, वैचारिक मतभेद, बार बार चोरी होना, संतान के लिए कष्ट कारी
पश्चिम वायव्य - सर्व कार्य के लिए शुभदायक
पश्चिम नैरुत्य – अशुभ, आर्थिक परेशानी, घर के मुख्य व्यक्ति के लिए ज्यादा अशुभ
उत्तर इशान – शुभ श्रेष्ठ, आर्थिक सफलता
उत्तर वायव्य – अशुभ, धनहानि, चंचलता, तनाव में वृद्धि
दक्षिण अग्नि – शुभ, आर्थिक लाभ, स्वास्थ्यदायक
दक्षिण नैरुत्य – अशुभ, आर्थिक विनाश, गृहिणी के लिए कष्टप्रद
पश्चिम – शुभ फलदायक
उत्तर – अत्यंत शुभ फलदायक

यहाँ उल्लेख हे की पूर्व ईशान मतलब इशान कोने में जो दरवाजा हे जो जिसका मुख पूर्व दिशा में हे उशे पूर्व ईशान कहते हे : अतः आपको उसी प्रकार आपको बाकि दिशाओ के लिए समजना हे

और अगर आपका द्वार गलत दिशा में हे तो कृपया वहा द्वार दोष निवारण यन्त्र स्थापित करे और सम्पूर्ण रूप से लाभ उठाये

हरी ॐ तत्सत
रेमेडियल एस्ट्रोलोजर ऋषि पंड्या
हेड ऑफिस – वड़ोदरा गुजरात
ब्रांच ऑफिस – गांधीनगर गुजरात
Contact - 9824162904

नवग्रह यन्त्र



गोल्ड प्लेटेड नवग्रह यन्त्र 

यह यन्त्र प्रतियोगिता – क़ानूनी मसले और दुश्मनों पर विजय दिलाता हे
यह गोल्ड प्लेटेड नवग्रह यन्त्र सम्पूर्ण रूप से नो ग्रहों के आशीर्वाद हे
नवग्रह ज्योतिष के अनुसार अवकाशीय मंडल का प्रतिनिधित्व करते हे और उनका प्रभाव सम्पूर्ण रूप से सप्ताह के सतो दिनों पर रहता हे और यह यन्त्र के माध्यम से किसी के भी जीवन को प्रभावित किया जा शकता हे |

यह नवग्रह यन्त्र की पूजा से हमारी कुंडली के लाभकारी ग्रहों को मजबूत और उनके सकारात्मक प्रभाव को बढाती हे और कुंडली के हानिकारक ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को संतुलित करता हे क्यों किये अत्यधिक उपयोगी और लाभकारी गोल्ड प्लेटेड नवग्रह यन्त्र हे


नवग्रह यंत्र में मुख्य लाभ

• ९ ग्रहों के अशुभ प्रभावों से बचाता हे
• आपके जीवन में सम्पूर्ण सफलता दिलाके आपको खुश करता हे
• आपके सोहरत बढ़ता हे और आपको प्रसिद्द बनता हे
• आपके घर के वातावरण से नकारात्मक उर्जा को निकलता हे
• यह यंत्र आप पर डाली गई सब बुरे को निकलता हे
• आपको स्वास्थ्य और धन देता हे
• आपको सम्पूर्ण रूप से मानसिक शांति प्रदान करता हे
• वैवाहिक जीवन में सम्पूर्ण रूप से सफलता प्राप्त करवाता हे

अब ये गोल्ड प्लेटेड यंत्र आप घर बैठे ही मंगवा शकते हे
यह यन्त्र आपको नवग्रह के सवा लाख मंत्रो के साथ अभिमंत्रित कर के होम कर आप तक पहोचाया जायेगा 

यह यन्त्र की साइज ६ बाय ६ इंच रहीगी और यह यंत्र को किस प्रकार रखना हे और किस प्रकार उसका पूजन करना हे यह सम्पूर्ण रित आपको यंत्र के साथ ही प्राप्त होगी ||

गोल्ड प्लेटेड नवग्रह यन्त्र का प्रसादी मूल्य सिर्फ Rs.3600/-

भारत के आलावा अन्य देशो के लिए कोरियर चर्जिस एक्स्ट्रा होगा


हरी ॐ तत्सत
रेमेडियल एस्ट्रोलोजर ऋषि पंड्या
हेड ऑफिस – वड़ोदरा गुजरात
ब्रांच ऑफिस – गांधीनगर गुजरात
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